मनोज तिवारी ने धोनी को लेकर ऐसा क्या कह दिया कि हो गया बवाल – Manoj Tiwari aur Mahendra Singh Dhoni Vivad

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Manoj Tiwari aur Mahendra Singh Dhoni Vivad अगर आप थोड़ी बहुत भी क्रिकेट में रुचि रखते हैं। तो अब तक यह खबर आप तक पहुंच गई होगी कि मनोज तिवारी ने धोनी पर संगीत आरोप लगाते हुए कहा है कि शतक लगाने के बाद भी धोनी ने मुझे ड्रॉप कर दिया। अगर उस टाइम धोनी मुझे ड्रॉप नहीं करते तो आज मैं भी विराट कोहली और रोहित शर्मा जितना पॉपुलर और ना दिग्गज क्रिकेटर होता।

जब से मनोज तिवारी का यह स्टेटमेंट आया है। तब से महेंद्र सिंह धोनी के फैंस उनको अच्छी तरीके से ट्रोल कर रहे हैं। ऐसे में सवाल निकाल कर आता है कि क्या सचमुच मनोज तिवारी ने जो आरोप महेंद्र सिंह धोनी पर लगाए हैं। उनमें थोड़ा बहुत भी दम है या फिर वह आरोप सच है। आज के इस ताजा रिपोर्ट में हम इसी पर पूरी चर्चा करने वाले हैं।

Manoj Tiwari aur Mahendra Singh Dhoni Vivad

कौन है मनोज तिवारी?

महेंद्र सिंह धोनी और मनोज तिवारी के विवाद के बारे में पूरी जानकारी लेने से पहले, आपको यह जानना जरूरी है कि आखिरकार यह मनोज तिवारी है कौन? दरअसल यह बीजेपी के मनोज तिवारी नहीं है बल्कि बंगाल के राज्य सरकार में खेल मंत्री है। आपको बता दे कि मनोज तिवारी बंगाल क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान भी है।

मनोज तिवारी ने रणजी ट्रॉफी 2024 की आखिरी लीग मैच के बाद इस खेल से संन्यास ले लिया था। अब आप समझ गए होंगे कि मनोज तिवारी कौन है? मनोज तिवारी के ताजा बयान के बाद ये फिर से सुर्खियों में आ गए हैं। दरअसल मनोज तिवारी ने महेंद्र सिंह धोनी पर पक्षपात का गंभीर आरोप लगाया है।

मनोज तिवारी ने महेंद्र सिंह धोनी पर क्या आरोप लगाया है? :
आपको बता दे कि मनोज तिवारी ने साल 2008 में भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया था। मनोज तिवारी के बल्ले से अपना पहला अंतरराष्ट्रीय शतक चेन्नई के खेल मैदान में वेस्टइंडीज के खिलाफ 104 रनों की नाबाद पारी से आया था। इसी मैच में उन्हें मैन ऑफ द मैच का खिताब भी मिला था।

इस शतक को लगाने के बाद में उन्हें अगले मैच खेलने के लिए पूरे 7 महीना का इंतजार करना पड़ा था। दरअसल इसी वजह से मनोज तिवारी ने महेंद्र सिंह धोनी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि जब उन्होंने 107 रनों की पारी खेल कर मैन ऑफ द मैच का खिताब हासिल किया। उसके बाद भी उन्हें लगातार 14 मेचों में बाहर क्यों रखा गया था?

उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी को यह तक कह दिया कि अगर 2012 के ऑस्ट्रेलिया दौरे में उन्हें बाहर नहीं किया जाता, तो आज वह भी रोहित शर्मा और विराट कोहली अजीत ने सक्सेसफुल क्रिकेटर होते।

क्या सच में मनोज तिवारी के साथ महेंद्र सिंह धोनी ने अन्याय किया था?

अगर आप मनोज तिवारी को पहले से नहीं जानते हैं, तो आपको मनोज तिवारी की यह बातें थोड़ी अच्छी लग सकती है, क्योंकि इतना अच्छा प्रदर्शन करने के बाद में किसी को इतने मैचों तक बाहर रखना सही नहीं है और महेंद्र सिंह धोनी पर थोड़ा बहुत गुस्सा भी आ रहा होगा। लेकिन इसके पीछे की सच्चाई क्या है? यह आपको जाननी होगी।

चलिए हम आपको बताते हैं कि क्या सच में मनोज तिवारी के साथ महेंद्र सिंह धोनी ने अन्याय किया था या फिर इसके पीछे और भी वजह थी।
दरअसल मनोज तिवारी ने ऐसे समय में इंडियन क्रिकेट में डेब्यू किया था। असम टीम में पहले से सचिन तेंदुलकर, गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग जैसे दिग्गज खिलाड़ी मौजूद थे। ऐसे में मनोज तिवारी को टीम में बने रहने के लिए अच्छा स्कोर करना जरूरी था।

आपको बता दें कि मनोज तिवारी ने 2008 में अपना डेब्यू मैच खेला था और इस मैच में सिर्फ उन्होंने 2 ही रन बनाए थे। अपने डेब्यू मैच में इतना खराब प्रदर्शन होने की वजह से उन्हें आने वाले माचो से बाहर कर दिया गया और वह फिर से अपने घरेलू मैच खेलने लगे। 2011 में मनोज तिवारी को फिर से इंडिया क्रिकेट टीम में खेलने का मौका मिला।

आपको बता दे कि मनोज तिवारी ने 2011 में सिर्फ पांच वनडे मैच खेले थे। मनोज तिवारी ने 2011 के अपने पहले मैच में सिर्फ 2 रन बनाए थे। दूसरे मैच में 22 रन, तीसरे मैच में 11 रन और चौथी मैच में सिर्फ 24 रन बनाए थे। आपको बता दे कि सिर्फ उन्होंने पांचवें मैच में 104 रनों की नाबार्ड पारी खेली थी।

अब सब देखा जा सकता है कि सिर्फ पांच इमेज की एक 104 रन की सत्य की पारी को हटा दिया जाए तो बाकी के चार माचो में वह फ्लॉप ही रहे थे। उनका खराब प्रदर्शन उन्हें ले बैठा। अगर मनोज तिवारी की 2012 में श्रीलंका के खिलाफ खेली गई 65 रनों की पारी को हटा दिया जाए।
तो उन्होंने कोई ऐसा मैच नहीं खेला था जिसके बदले वह भारतीय क्रिकेट टीम में अपनी जगह को बरकरार रख पाए।

यह भी कहना गलत नहीं होगा कि भारतीय क्रिकेट टीम में पहले से मौजूद डिवीजन के होते हुए और खराब प्रदर्शन के चलते हुए मनोज तिवारी ने भारतीय क्रिकेट टीम में अपनी जगह गवा दी। साल 2015 के बाद में मनोज तिवारी ने कभी भी भारतीय क्रिकेट टीम में वापसी नहीं की। ऐसे में अब आप ही बताएं कि क्या महेंद्र सिंह धोनी ने मनोज तिवारी के साथ कोई अन्याय किया है।

हालांकि यह कहना गलत नहीं होगा कि महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में उतने मौके नहीं मिले जितने मौके उन्हें मिलनी चाहिए थे। बाकी महेंद्र सिंह धोनी की शख्सियत के बारे में आप लोग जानते ही हैं कि वह दुनिया भर के चतुर कप्तानों में से एक हैं और उन्होंने अपने करियर में बहुत सारे बल्लेबाजों बहुत सारे बॉलर और बहुत सारे ऑलराउंडरों को संवारा है।

निष्कर्ष – मनोज तिवारी ने धोनी को लेकर ऐसा क्या कह दिया कि हो गया बवाल – Manoj Tiwari aur Mahendra Singh Dhoni Vivad

अब आपको पूरी खबर मिल गई होगी कि मनोज तिवारी और महेंद्र सिंह धोनी के विवाद की असली वजह क्या है? और कौन इस विवाद में सही है और कौन इस विवाद में गलत है?
हमने इस पूरे विवाद की पूरी खबर को आप तक पहुंचा दिया है। उम्मीद करते हैं इस विवाद से जुड़े हुए सभी सवालों के जवाब आपको मिल गए होंगे।

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